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सोनी सब के ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में ज़फर राज़-ए-कायनात का पहला दरवाजा खोलने में सफल रहा


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2019/11/07


सोनी सब का अलादीन: नाम तो सुना होगा अपनी मनोरंजक कहानी और रोमांचक खुलासों के साथ दर्शकों को आश्चर्यचकित करने में कभी भी विफल नहीं हुआ है। यह शो सोन मीनार में छिपे राज़-ए-कायनात के पहले राज़ को उजागर करने की दिशा में बढ़ रहा है। ज़फर की (आमिर दलवी) चतुर योजनाओं ने अलादीन के अपने परिवार और बगदाद के सामने खुद को निर्दोष साबित करने के मिशन को बदल दिया है। इस शो को दर्शकों का अपार प्यार और समर्थन मिल रहा है क्योंकि यह शो दर्शको का काफी मनोरंजन कर रहा है और साथ ही दर्शक इस शो के चरित्रों से बेहद प्यार करने लगे हैं। आगे के एपिसोड में ज़फर के मास्टर प्लान का पहला दरवाज़ा खुलेगा, ऐसे में दर्शकों को आगे आने वाले ट्विस्‍ट के लिए खुद को तैयार करना होगा।

इससे पहले, ज़फर ने अपनी सच्चाई छुपाने और अलादीन (सिद्धार्थ निगम) की  इंसाफ की रात के दौरान उसके खिलाफ सबूतों से छेड़छाड़ करने में कामयाबी हासिल की थी, जबकि सुल्तान की हत्या के लिए अलादीन को उसके परिवार, यासमीन और बगदाद के सामने फिर से पेश किया गया था। इस हार के बाद से अलादीन परेशान है और यासमीन ने ज़फर का मुद्दा खुद सँभालते हुए अलादीन की बेगुनाही पर यकीन करना शुरू कर दिया है।

फिलहाल शो में शहजादी यासमीन (अवनीत कौर) अपने पिता की हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए ज़फर के खिलाफ सबूत खोजने के मिशन पर है। दूसरी ओर, ज़फर और गिनू (रहशुल टंडन) राज़-ए-कनात का पहला दरवाजा खोलने के लिए एक रहस्यमय बलिदान करने हेतु सोन मीनार का अपना रास्ता तय करते हैं। यासमीन, जो ज़फ़र की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही है, इस बुरी जोड़ी का पीछा करते हुए चुपके से सोन मीनार तक पहुंच जाती है। वहां पर, ज़फ़र और गिनू बलिदान करते हैं और इसके बाद ज़फ़र के भयानक मास्टर प्लान का पहला दरवाजा खुल जाता है।

पहले दरवाजे के पीछे क्या है? या बल्कि,  यह कहना चाहिए कि पहले दरवाजे के पीछे कौन है? क्या यासमीन राज़-ए-कायनात के पीछे छिपा सच खोज पाएगी?

ज़फर की भूमिका निभा रहे आमिर दलवी ने कहा, “ज़फर ने अलादीन को फिर से हरा दिया है और अब वह राज़-ए-कायनात के दरवाजों को खोलने के लिए बलिदानों को पूरा करने की अपनी खोज पर जुटा हुआ है। वह सबसे शक्तिशाली सुल्तान बनने के लिए अपने मास्टर प्लान को पूरा करने पर अड़ा हुआ है और इसके लिए वह हर सीमा तक जाएगा और अपनी ताकत के बस का सब कुछ करेगा। मुझे वास्तव में आगामी एपिसोड के लिए शूटिंग करने में काफी मजा आया, हालांकि ये एपिसोड्स इंटेंस है, लेकिन मैं यह महसूस कर सकता हूं कि हमारे दर्शक इन आगामी एपिसोड्स में रोमांच का अनुभव करेंगे। इसलिए पहले दरवाजे को खुलते देखने के लिए तैयार रहें। इसमें से क्या बाहर आएगा? आपको जल्द ही पता चल जाएगा। तो देखते रहिए..“

राजकुमारी यासमीन की भूमिका निभा रही अवनीत कौर ने कहा, “यासमीन को पहले विश्वास था कि अलादीन ही उसके पिता का हत्यारा है, लेकिन अलादीन द्वारा खुद को निर्दोष साबित करने के ईमानदार प्रयासों को देखने के बाद, वह आखिरकार उसे निर्दोष मानने लगी है। अब वह एक मिशन पर है और उसे पता नहीं है कि सोन मीनार के उन रहस्यमय दरवाजों के पीछे आखिर क्या है। वह ज़फर के खिलाफ कुछ सबूत खोज रही है और आगे के एपिसोड्स में यह खुलासा होगा कि वास्तव में उसे किस बात का पता चलेगा। तो देखते रहिए।“

राज़-ए-कायनात के पहले दरवाजे में क्या है? जानने के लिये देखिए अलादीन: नाम तो सुना होगा

प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे, केवल सोनी सब पर


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